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Teacher day poem in hindi । Poem on guru in hindi । शिक्षक दिवस पर कविता

Best Teacher day poem in hindi & Poem on guru in hindi for Students. शिक्षक दिवस पर प्रेरक कविताएं राष्ट्र के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षकों को  समर्पित हैं। hindi poem on teacher student relationship

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Teacher day poem in hindi । Poem on guru in hindi । शिक्षक दिवस पर कविता

शिक्षक की गोद में उत्थान पलता हैं।
जहां सारा शिक्षक के पीछे चलता हैं।
शिक्षक का बोया पेड़ बनता है।
हजारों बीज वही पेड़ जनता है।

काल की गति को शिक्षक मोड़ सकता है।
शिक्षक धरा से अम्बर को जोड़ सकता है।
शिक्षक की महिमा महान होती है।
शिक्षक बिन अधूरी वसुन्धरा रहती है।

याद रखो चाणक्य ने इतिहास बना डाला था
क्रूर राजा को मिट्टी में मिला डाला था।
बालक चन्द्रगुप्त को चक्रवर्ती सम्राट बनाया था।
एक शिक्षक ने अपना लोहा मनवाया था।

संदीपनी से गुरू सदियों से होते आये हैं।
कृष्ण जैसे नन्हे नन्हे बीज बोते आये हैं।
शिक्षक से ही अर्जन और युधिष्ठिर जैसे नाम हैं।
शिक्षक की निंदा करने से दुर्योधन बदनाम हैं।

शिक्षक की ही दया दृष्टि से बाल राम बन जाते है।
शिक्षक की अनदेखी से वो रावण भी कहलाते हैं।
हम सब ने भी शिक्षक बनने का सुअवसर पाया हैं।
बहुत बडी जिम्मेदारी को हमने गले लगाया हैं।

आओ हम संकल्प करें की अपना फ़र्ज निभायेंगे।
अपने प्यारे भारत को हम जगतगुरू बनायेंगे।
अपने शिक्षक होने का हरपल इभिमान करेंगे।
इस समाज में हम भी अपनी शिक्षा दान करेंगे।

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गुरू के बिना ज्ञान नहीं
ज्ञान के बिना कोई महान नहीं
भटक जाता है जब इंसान
तब गुरू ही देता है ज्ञान

ईश्बर के बाद अगर कोई है
तो वो गुरू है
दुनिया से वाकिफ जो कराता है
वो गुरू है
हमें अच्छा इंसान जो बनाता है
वो गुरू है

बिना गुरू के जिंदगी आसान नहीं
हमारी कमियों को जो बताता है
वो गुरू है
हमे इंसानियत जो सिखाता है
वो गुरू है

हमें जो हीरे की तरह तराश दे
वो गुरू हैं
हमारे अंदर एक विश्वास जगा दे
वो गुरू है।

शिक्षक दिवस पर कविता

गुरू वो बासुरी है जिसके बजे ही
अंग अंग थिरकने लगता है
गुरू वो अमृत है जिसे पीके
कोई कभी प्यासा नहीं।

गुरू वो मृदग्न हैं जिसे बजाते ही
सोहम नाद की झलक मिलती है।
गुरू वो कृपा ही है जो सिर्फ कुछ
सद शिष्यों को विशेष रूप में मिलती हैं।

और कुछ पाकर भी समझ नहीं पाते।
गुरू वो खजाना है जो अनमोल है।
गुरू वो समाधि हैं जो चिरकाल तक रहती है।
गुरू वो प्रसाद है जिसके भाग्य में हो

उसे कभी कुछ मांगने की जरूरत नहीं रहती।
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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