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आईपीएस कैसे बनें – IPS Banne Ki Jankari Hindi – Konsa Subject Lena Chahiye

अफसर बनने का सपना पढ़े-लिखे युवा अक्सर देखते हैं। लेकिन इस सपनों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करना होता है। आईपीएस यानी कि इंडियन पुलिस सर्विस (Indian police service) में क्लास वन के अधिकारी बनना चाहते हैं तो 11 वीं कक्षा से ही बेहतरीन तैयारी शुरू कर देना चाहिए।

आईपीएस बनने का सपना हकीकत बन जाए तो उसके  परिवार और आसपास के लोग उसे मान सम्मान देते हैं। आईएएस और आईपीएस बनना  आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होती है। आईपीएस यानि इंडियन पुलिस सर्विस (indian police service) बनने का सपना अगर आपसे  मन में है  तो  आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। सफलता के लिए आपको मेहनत के साथ  सही रास्ता चुनना होगा। Union public service commission आईएएस व आईपीएस के पदों को भरने के लिए 3 चरणों में परीक्षा आयोजित कराती है।

आईपीएस बनने के लिए क्या करना पड़ता है (IPS Banne Ke Liye Kya Karna Padta hai)

इंडियन पुलिस सर्विस की सबसे बड़ी पोस्ट आईपीएस अधिकारी की होती है। आईपीएस अधिकारी बनने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। (IPS banne ki jankari Hindi mein) आईपीएस अफसर बनने का यह सपना लाखों लोग देखते हैं लेकिन सफलता चंद लोगों के हाथ में ही आती है। अगर आपकी रणनीति शुरुआत से ही सही है तो आईपीएस बनने से आपको कोई रोक नहीं सकता है। हाई स्कूल से ग्रेजुएशन तक सही सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई करते हैं तो निश्चित ही सफलता आपके हाथ लगेगी और आईपीएस अफसर बनकर अपना  और अपने परिवार का मान बढ़ाएंगे। आईपीएस कैसे बने हिंदी में जानकारी। (IPS kaise bane Hindi mein jankari)

आईपीएस बनने के लिए किस तरह से पढ़ाई करें। हाई स्कूल में कौन सा सब्जेक्ट ले? 11वीं में कौन सा सब्जेक्ट  रखें ताकि ग्रेजुएशन आपका अच्छे से कंप्लीट हो और उसके बाद आईपीएस के फॉर्म भरने के कुछ महीने की तैयारी में आपको पहली बार सफलता में मिल सके और आप आईपीएस बन कर अपना सपना पूरा कर सके। आइए जानें कैसे बने आईपीएस अधिकारी बनने की संपूर्ण जानकारी इसलिए जाने-

दसवीं के बाद आईपीएस की तैयारी के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए

अक्सर यह प्रश्न उठता है कि आईपीएस की तैयारी के लिए दसवीं के बाद कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए कि आईपीएस बनने का सपना पूरा हो जाए।  जब आप 11वीं कक्षा में पहुंचते हैं तो आपको अलग-अलग स्ट्रीम के अनुसार सब्जेक्ट चुनना पड़ता है। नई शिक्षा नीति में इस बार बदलाव होने के कारण सब्जेक्ट सिलेक्शन में काफी ध्यान देना चाहिए। 11वीं में तीन स्ट्रीम हो जाता है।  कॉमर्स, आर्ट और साइंस (Commerce, Art and Science) 

  • आईपीएस बनने के लिए आपको आर्ट सब्जेक्ट का चुनाव 11वीं में करना चाहिए‌। 12वीं कक्षा में भी इसी सब्जेक्ट के साथ पढ़ाई करते हैं।  आईपीएस की परीक्षा पैटर्न को समझें  तब आप समझ सकते हैं कि 11वीं में आर्ट स्ट्रीम (Art Stream) आपके लिए कंपटीशन में किस तरह से मददगार साबित हो सकता है।
  • आर्ट स्ट्रीम (Art Stream) में हिंदी, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स ज्योग्राफी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र आदि विषयों में से अपने कंबीनेशन के विशेष से पढ़ाई कर सकते हैं। क्योंकि 11वीं में आपको 5 सब्जेक्ट रखने होते हैं, इसके साथ आप कंप्यूटर भी पढ़ सकते हैं। दसवीं के बाद अगर आपकी रूचि विज्ञान वर्ग में है और आईपीएस बनना चाहते तो विज्ञान विषय भी ले सकते हैं।  

आईपीएस बनने के लिए कक्षा 11वीं में कॉमर्स  सब्जेक्ट  का चुनाव भी कर सकते हैं लेकिन आपकी रूचि अगर कॉमर्स में नहीं है और आईसीएस और आईपीएस परीक्षाओं में भी बैठना चाहते हैं और सफल होना चाहते हैं तो आर्ट सब्जेक्ट लेना ज्यादा फायदेमंद होगा। लेकिन ध्यान रखें कि आपको जिस स्ट्रीम में रुचि है, उसे पढ़ना ज्यादा सही है क्योंकि उसमें आप बेहतर कर सकते हैं। इसलिए कोई नियम नहीं है कि आर्ट सब्जेक्ट लेने वाले ही आईपीएस बनते हैं लेकिन यह है कि आर्ट स्ट्रीम (Art Stream) लेकर आईपीएस की तैयारी करना आसान हो जाता है।

IPS adhikari बनने के लिए दसवीं कक्षा से ही फिजिकल की तैयारी

दसवीं कक्षा से ही  पढ़ाई के साथ साथ  फिजिकल एबिलिटी की तैयारी भी शुरू कर दे। आईपीएस (IPS) की परीक्षा में लिखित एग्जामिनेशन के अलावा फिजिकल परीक्षा से भी गुजरना पड़ता है और बाद में इंटरव्यू (interview) भी होता है। बिना ट्रेनिंग के आप आईपीएस अफसर नहीं बन सकते हैं। एक आईपीएस की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा करना है और अपराध को रोकना है। आईपीएस अफसर के अंडर में जिले की पुलिस होती है। सही दिशा निर्देश देना और सही समय पर सही प्रशासनिक फैसले लेने की जिम्मेदारी एक आईपीएस अफसर के ऊपर होती है और प्रशासन के लोगों के साथ सही तालमेल बैठाकर समाज की रक्षा और सुरक्षा का भार उसके  आईपीएस अफसर के कंधों पर होता है।

दसवीं कक्षा से शुरू कर दे, फिजिकल टेस्ट (Physical Test) की तैयारी  टिप्स

  • आईपीएस ऑफिसर (ips officer)   बनने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक दक्षता भी अच्छी होनी चाहिए। यहां पर दसवीं कक्षा से ही फिजिकल की तैयारी आप को शुरू कर देना चाहिए, जिससे आपका शरीर चुस्त दुरुस्त रहे।
  •  सही पोषण वाले खानपान पर ध्यान देना चाहिए,  जिससे शरीर का सही विकास हो। आंखों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अगर आंखों की रोशनी किसी भी कारण से कम होती है तो आपको आईपीएस की  फिजिकल  परीक्षा में असफल घोषित कर दिया जाएगा। आपकी दोनों आंखें स्वस्थ होनी चाहिए और 6/6 विजन होना चाहिए। इसलिए अपनी आंखों की देखभाल और सही खानपान जरूरी है।
  • असल में आप कुछ भी बनना चाहते हैं, वह आपकी सोच पर निर्भर करता है। दसवीं कक्षा में आते ही आपकी आगे क्या बनना है इसकी तमन्ना आपके अंदर जाग जाती है। आईपीएस आपका लक्ष्य तो शारीरिक एबिलिटी यानी कि फिजिकल एबिलिटी हासिल करने के लिए आपको स्कूल के फुटबॉल टीम का सबसे बेस्ट प्लेयर होना चाहिए या खो-खो वॉलीबॉल जैसे खेल से आप अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखते हैं।
  • इस समय आप की लंबाई भी इन खेलों के कारण बढ़ती है। आईपीएस सेवा में जाने के लिए आप की लंबाई कम से कम 165 सेंटीमीटर होनी चाहिए। हाई स्कूल के दौरान लंबाई 165 सेंटीमीटर आस पास रहती है, तो एक्सरसाइज करके और खेलकूद से आप अपनी हाइट बढ़ा सकते हैं।
  •  हाई स्कूल के समय शरीर में काफी बदलाव आता है। बहुत तेजी से  हाइट भी बढ़ती है। बशर्ते कि आप खेल के मैदान में सक्रिय रहे।
  • इंडियन पुलिस सर्विस (INDIA POLICE SERVICE) अच्छी पढ़ाई होने के बावजूद लाखों लोग इसलिए फिजिकल में छठ जाते हैं क्योंकि वह शारीरिक रूप से स्वयं को आईपीएस परीक्षा के लिए पहले से तैयार ही नहीं किया है।  हाई स्कूल के समय से आप अपने  शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। पढ़ाई को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आईपीएस बनने के लिए ग्रेजुएशन में कौन सा सब्जेक्ट लें

आईपीएस की परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम योग्यता किसी भी विषय में या किसी भी स्ट्रीम में स्नातक होता है।  सवाल ये उठता है कि ग्रेजुएशन में आपको कौन सा विषय पढ़ना चाहिए। नीचे कुछ पॉइंट से समझाया गया कि आपको कौन-सा  सब्जेक्ट ग्रेजुएशन में लेना चाहिए-

  •  ग्रेजुएशन में आपको आर्ट साइड (Art Stream) सब्जेक्ट लेकर पढ़ना चाहिए क्योंकि यह सब्जेक्ट तैयारी करने में आसान होते हैं। इससे कंपटीशन फाइट करना बहुत आसान हो जाता है।  अगर आपने इंटर में आर्ट साइड सब्जेक्ट लिया है तो इंटरमीडिएट के 3 बेहतरीन सब्जेक्ट जिसमें सबसे अधिक अंक आया है, उन्हीं में से 3 सब्जेक्ट ग्रेजुएशन में लेकर पढ़ें।  हिंदी, इंग्लिश, हिस्ट्री ज्योग्राफी, सिविक्स इन सब्जेक्ट में जिस में भी अच्छे नंबर आए हो उस सब्जेक्ट को आप बेहतर तरीके से ग्रेजुएशन में पढ़ें तो इससे फायदा होता है।
  • अगर आपने इंटर में कॉमर्स लिया है तो आप स्नातक कॉमर्स से भी कर सकते हैं लेकिन बेहतर होगा कि आर्ट सब्जेक्ट का चुनाव करें।  क्योंकि आईपीएस की परीक्षा में general knowledge से संबंधित प्रश्न से मेरिट पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए आर्ट सब्जेक्ट सेल्फ स्टडी करने में भी आसानी होती है। ग्रेजुएशन में आर्ट स्ट्रीम के सब्जेक्ट हिंदी, इंग्लिश, हिस्ट्री, फिलासफी, पोलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, फिजिकल एजुकेशन जैसे सब्जेक्ट लेकर ग्रेजुएशन कर सकते हैं।

आईपीएस फॉर्म भरने की योग्यता

आईपीएस यानी इंडियन पुलिस सर्विसेज का फॉर्म साल में एक बार अखिल भारतीय सेवा (Union public service commission) से निकलता है। क्लास वन पुलिस सेवा की इस भर्ती हर साल लाखों युवा फॉर्म भरते हैं लेकिन सीट कम होने के कारण कम लोग का सिलेक्शन हो पाता है।

  • सामान्य कैंडिडेट के लिए 21 साल से उम्र 30 साल के मध्य होनी चाहिए। (अधिकतम उम्र की सीमा फॉर्म में देखें) आरक्षित कोटे के कैंडिडेट  एससी/ एसटी कैंडिडेट के लिए 5 साल और ओबीसी के लिए 3 साल की अधिकतम उम्र सीमा में छूट मिलती है।
  • जनरल कैटेगरी के लिए केवल 6 मौके इस परीक्षा को पास करने के लिए दिए जाते हैं। आरक्षित वर्ग के लिए जब तक अधिकतम उम्र ना हो जाए तब वे लगातार परीक्षा देकर सकते हैं।
  • भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • शारीरिक योग्यता 165 सेंटीमीटर लंबाई पुरुषों की और महिलाओं के 157 सेंटीमीटर लंबाई कम से कम होनी चाहिए।
  • रिजर्वेशन कैटेगरी के पुरुषों के लिए न्यूनतम लंबाई 160 सेंटीमीटर वहीं महिलाओं की लंबाई में  कम से कम 145 सेंटीमीटर होनी चाहिए।
  • पुरुषों के लिए सीना 84 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए सीना 79 सेंटीमीटर होना चाहिए।
  • आई साइट (eye sight) : स्वस्थ आंखों की दृष्टि से  (Vision) 6/6 या 6/9 होना चाहिए। कमजोर आंख का विज़न 6/12 या 6/9 होना चाहिए।

आईपीएस के लिए यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam)

आईपीएस के लिए जैसे आप यूपीएससी का फॉर्म भरते हैं, तो आपको तीन चरण की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है, तभी आप आईपीएस अफसर बन सकते-

1.प्रारंभिक परीक्षा (The preliminary exam)

2.मुख्य परीक्षा (The Main exam) और

3.साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा पास करते हैं तो उसके बाद मुख्य परीक्षा के लिए आप एलिजिबल होते हैं। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार को मिलाकर आप की मेरिट बनती है और अगर आपने फॉर्म में आईपीएस पोस्ट के लिए प्राथमिकता दी है तो आपको वह पोस्ट मिल जाती है। इसके बाद शुरू होता है आईपीएस की ट्रेनिंग। सफलतापूर्वक ट्रेनिंग हासिल करने के बाद आपकी जॉइनिंग आईपीएस अफसर के तौर पर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के रूप में किसी जिले में तैनाती की जाती है।

आईपीएस बनने के लिए सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा (The preliminary) का पैटर्न

प्रारंभिक परीक्षा यानी प्रिलिमनरी एग्जाम क्वालीफाई करने के लिए दो पेपर का एग्जाम आपको देना होता है।

  • पहला पेपर सीसैट (Civil Services Aptitude Test) objective type के 80 क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
  •  दूसरा जीएस (general study) का पेपर होता है। इसमें 100 सवाल पूछे जाते हैं जो आप ऑब्जेक्टिव टाइप का होता है।

दोनों पेपर के लिए 2 घंटे का समय होता है, ब्लाइंड कैंडिडेट के लिए 20 मिनट अतिरिक्त समय पेपर हल करने के लिए दिया जाता है। 400 नंबर का यह पेपर qualifying level का होता है।

जनरल स्टडी के हर सवाल दो नंबर के होते हैं जबकि सीटेट के हर सवाल के 2.5 नंबर मिलते हैं। इस पेपर में नेगेटिव मार्किंग है हर गलत दर के लिए एक तिहाई अंक काटा जाता है।

 परीक्षार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन Pre examination का कटऑफ निकालकर कैंडिडेट को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित करती है। इस परीक्षा में औसतन 8 लाख लोग अप्लाई करते हैं। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होती है।

सीसेट का सिलेबस ( Csat Syllabus in Hindi)

कंप्रीहेंशन, लॉजिकल रीजनिंग एंड नंबर एबिलिटी, इंटरपर्सनल स्किल, डिस्कशन प्रॉब्लम सॉल्व, कक्षा 10 की बेसिक मैथ जिसमें डाटा चार्ट नंबर एनालिटिक आदि से क्वेश्चन पूछे जाते हैं। ट्रिकी मैथ, रीजनिंग इन सब पर ध्यान देना चाहिए।

जनरल स्टडी का सिलेबस (General Studies Syllabus)

रिजर्वेशन में जनरल स्टडी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका आपकी सफलता में अदा करता है। इसमें कुल 22 सब्जेक्ट से मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछा जाता जो कि 300 नंबर का होता है। मतलब साफ है कि हाई स्कूल से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई का सार यहां जीएस के रूप में पूछा जाता है। अगर आप विज्ञान वर्ग से ग्रेजुएशन किया है तो आपको आर्ट वाले सब्जेक्ट भी पढ़ने पड़ते हैं। केवल आपने आर्ट पढ़ा है तो विज्ञान से संबंधित है, जीएस भी पढ़ना पड़ता है।

स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित इतिहास, प्राचीन इतिहास, ज्योग्राफी, इंडियन इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, इकोनामिकल सोशल डेवलपमेंट पर क्वेश्चन, पर्यावरण जागरूकता से संबंधित, जनरल साइंस, राष्ट्रीय सुरक्षा इत्यादि विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

IPS बनने के लिए मुख्य परीक्षा का पैटर्न (main examination pattern)

Main examination में उन्हीं को मौका मिलता जो प्रिलिमनरी एग्जामिनेशन क्वालीफाई करते हैं। यह परीक्षा लिखित होती है यानी कि डिस्क्रिप्टिव टाइप के क्वेश्चन के आंसर लिखने होते हैं। इस परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं। इसमें दो पेपर क्वालिफाइंग टाइप के होते हैं यानी इनको मेरिट में नहीं जोड़ा जाता है। जबकि 7 पेपर के नंबर मेरिट लिस्ट में जोड़ कर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

दो क्वालीफाइंग पेपर में पास करने के बाद ही सातों पेपर के नंबर मेरिट लिस्ट में जोड़े जाते हैं। मेरिट में आने पर उन्हें इंटरव्यू या व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

लिखित पेपर कुल 1750 अंकों का होता है।

ये होते हैं। कुल 9 पेपरों में मेन परीक्षा होती है-

आईपीएस के लिए मेन परीक्षा लिखित होती है और उसमें कुल 9 पेपर पूछे जाते हैं। कौन-कौन से पेपर है यहां पूरी जानकारी दी हुई है-

 Paper A-भाषा का यह लिखित पेपर 300 अंकों का होता है। अंग्रेजी या भारत की 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा को चुनकर पेपर दे सकता है। यह पेपर क्वालीफाइंग टाइप का होता है।

Paper B- अंग्रेजी भाषा के ज्ञान को आंकने के लिए 300 नंबरों का पेपर होता है, जो क्वालीफाइंग टाइप का होता है।

Paper I-  250 अंकों का Essay writing का पेपर होता है।

Paper II– भारत की विरासत इंडियन कल्चर वर्ल्ड सोशलॉजी एंड वर्ल्ड ज्योग्राफी से संबंधित 250 अंकों का लिखित पेपर होता

Paper III– 250 अंकों का सामान्य अध्ययन शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Paper IV- 250 अंक का सामान्य अध्ययन -III टेक्नोलॉजी इकोनॉमिकल डेवलपमेंट एनवायरमेंट बायोडायवर्सिटी आपदा प्रबंधन से प्रश्न पूछा जाता है।

Paper V– 250 अंकों का जनरल स्टडी जिसमें नैतिकता अखंडता और योग्यता संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Papers VI, VII– 500 मार्क का प्रश्न पत्र का विषय वैकल्पिक होता है, जो कैंडिडेट द्वारा परीक्षा फॉर्म भरते समय चुना जाता है। हर प्रश्न पत्र 250 नंबर का होता है।

मेन एग्जाम main exam के लिखित पेपर (written paper IPS) के 1750 नंबर से मेरिट लिस्ट बनती है और  पर्सनेलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) के लिए बुलाया जाता है। यहां 275 नंबरों का होता है। अंतिम चरण मेन एग्जाम और इंटरव्यू के कुल नंबर  2025 जोड़कर बनाया जाता है। सिलेक्शन होने पर ट्रेनिंग दिया जाता है और आईपीएस पोस्ट देकर भारत के किसी भी जिले में तैनात किया जाता है।

सैलरी (IPS Ki Salary Kya hai)

आइएस और आईपीएस अधिकारियों को 7th Pay Commission के मुताबिक  वेतन 56,100 रुपये से लेकर 2,50,000 तक मिलता है। 

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