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Karmadharay Samas:-कर्मधारय समास की परिभाषा एवं उदाहरण

कर्मधारय समास की परिभाषा

वह समास जिसमे पुर्व पद विशेषण तथा उत्तर पद विशेष्य (संज्ञा) होता है कर्मधारय समास कहलाता है।
अर्थात्
जिस समस्त पद उत्तर पद प्रधान हो तथा पूर्वपद व उत्तरपद मे उपमान उपमेय अथवा विशेषण-विशेष्य संबंध हो, कर्मधारय समास (Karmadharay Samas) कहलाता है।

Karmadharay Samas के उदाहरण

सत्पुरुष = सत् है जो पुरुष

प्राणप्रिय = प्राणो के समान प्रिय

नीलकमल = नीला है जो कमल

नीलकंठ = नीला है जो कंठ

महापुरुष = महान है जो पुरुष

अधमरा = आधा है जो मरा

परमानंद = परम है जो आनंद

चरणकमल = कमल के समान चरण

कमलनयन = कमल के समान नयन

मृगनयन = मृग के समान नयन

देहलता = देह रुपी लता

क्रोधाग्नि = क्रोध रुपी अग्नि

लालमणि = लाल है जो मणि

महादेव = महान है जो देव

चंद्रमुख = चंद्र के समान मुख

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