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Sangya in Hindi – Noun in Hindi संज्ञा की परिभाषा, भेद व उदाहरण

Sangya in Hindi ( Noun in Hindi )– हैल्लो छात्रों Hindi Vyakaran में आज हम आपके लिए सज्ञा किसे कहते हैं Sangya in Hindi लेकर आये हैं. दोस्तो यहां हम जानेंगे संज्ञा की परिभाषा_ Sangya Definition in Hindi व संज्ञा के भेज Sangya ke Bhed in Hindi आदि के बारे में. आप जानते ही होंगे कि संज्ञा को अंग्रेजी में Noun कहते हैं। तो चलिए बगैर समय को बर्बाद किये जान लेते हैं संज्ञा के बारे में।

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संज्ञा किसे कहते हैं? Sangya ki Paribhasha in Hindi

किसी वस्तु, स्थान, प्राणी, अवस्था गुण या भाव का बोध करवाने वाले शब्द को संज्ञा (Noun) कहते हैं।

उदाहरण-

व्यक्ति– राम, चूहा, शेर, परूष, स्त्री, बच्चा, तोता, मोर, बुद्ध, गांधी, श्रीकृष्ण आदि।

वस्तु- पुस्तक, कुर्सी, मेज, पैन, पंखा आदि।

स्थान- भारत, मुम्बई, राजधानी, नगर, ग्राम, अमेरिका, जापान, द्वीप आदि।

भाव- मिठास, बुढ़ापा, सुझाव, सर्दी, गर्मी, लम्बाई, चौड़ाई, सौन्दर्य, आदि।

संज्ञा के इन उदाहरणों से समझें-

1.कुछ ऐसे नाम होते हैं जो किसी विशेष व्यक्ति वस्तु अथवा स्थान आदि का बोध कराते हैं।

जैसे- बुद्ध, गांधी, श्रीकृष्ण, भारत आदि।

2.कुछ ऐसे नाम होते हैं जो केवल साधारण जाति का बोध कराते हैं।

जैसे- पुस्तक, नगर, ग्राम आदि।

3. कुछ ऐसे नाम होते हैं जो केवल ऐसे भावों का बोध करते हैं, जिनका अनुभव इन्द्रियों द्वारा ही हो सकता है।

जैसे- मिठास, खटास, सगन्धि, चतुराई आदि।

संज्ञा के भेद- Sangya Ke Bhed in Hindi

संज्ञा के 5 भेद होते हैं।

1.व्यक्तिवाचक संज्ञा (vyakti vachak sangya)

2.जातिवाचक संज्ञा (jati vachak sangya)

3. भाववाचक संज्ञा (bhav vachak sangya)

4. समुदायवाचक संज्ञा

5.द्रव्यवाचक संज्ञा

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1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (vyakti vachak sangya in Hindi) –

जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु अथवा स्थान का बोध हो, उसे “व्यक्तिवाचक संज्ञा” ( Vyakti Vachak Sangya) कहते हैं।

जैसे- गौतम बुद्ध, श्रीकृष्ण, सीता, ताजमहल, हिमालय आदि।

उदाहरण- स्वर्गीय श्री रामअवतार एक उच्च-कोटि के चिकित्सक थे। यहां “ श्री रामअवतार” से तातपर्य व्यक्ति विशेष से हैं, अतः यहां व्यक्तिवाचक संज्ञा है।

2. जातिवाचक संज्ञा (jati vachak sangya in Hindi)

जिस संज्ञा शब्द से उसकी सम्पूर्ण जाति का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा (Jati Vachak Sangya) कहते हैं।

जैसे- मनुष्य, गाँव, गाय, भैंस, घोड़ा, लड़का, नगर, पर्वत आदि।

उदाहरण- कानपुर में चिकित्सक सम्मेलन हुआ। यहां ‘चिकित्सक’ शब्द कहने से चिकित्सक जाति का बोध होता है। अतः यह जातिवाचक संज्ञा है।

3. भाववाचक संज्ञा ( Bhav Vachak Sangya in Hindi )

जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण, धर्म, दोष आदि का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा (Bhav Vachak Sangya) कहते है।

जैसे- मिठास, सौन्दर्य, माधुर्य, बुढ़ापा, थकावट आदि।

उदाहरण- लालबहादुर शास्त्री जी की सज्जनता को आज भी याद किया जाता है। यहां ‘सज्जनता’ भाववाचक संज्ञा है।

4. समुदायवाचक संज्ञा

जिन संज्ञा शब्दों से व्यक्तियों, वस्तुओं आदि के समूह का बोध हो उन्हे समुदाय वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे कक्षा, सभा, सेना, भीड़ आदि।

5.द्रव्यवाचक संज्ञा

जिन संज्ञा शब्दों में किसी धातु द्रव्य आदि पदार्थों का बोध हो उन्हे ‘द्रव्यवाचक संज्ञा’ कहते हैं। घी, तेल, सोना, चाँदी, चावल, लोहा, गेंहू, पीतल आदि।

तो छात्रो यह थी संज्ञा के बारे में पूरी जानकारी, उम्मीद करते है कि आपको Sangya in Hindi में sangya in hindi worksheets और Sangya ke Bhed in Hindi के बारे में दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी. यदि कुछ छूट गया हो या आप कुछ पूछना चाह रहे हों तो प्लीज हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

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